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लघु एवं मध्यम उद्योग पर COVID का प्रभाव

लघु एवं मध्यम उद्योग पर COVID का प्रभाव

लघु एवं मध्यम उद्योग: महामारी ने न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डाला है, इसने सभी स्तरों पर अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया है और आज भी इसका प्रभाव बना हुआ है। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 82% से अधिक छोटे और मध्यम व्यवसाय COVID-19 के प्रकोप से नकारात्मक रूप से प्रभावित हुए हैं।

मार्च 2020 में COVID-19 के प्रकोप के बाद भारत में व्यावसायिक गतिविधियां ठप हो गई। और इससे छोटे व्यवसाय सबसे जयादा प्रभावित हुए हैं। 70% का मानना ​​​​है कि महामारी के पहले जितनी मांग आने में कम से कम एक साल का समय लग जाएगा।

लघु एवं मध्यम उद्योग के सामने चुनौतियां:

कोरोना को रोकने के लिए सरकार को लॉक डाउन जैसे जरुरी एवं कठिन कदम लेने पड़े।  इससे सैकड़ों व्यवसायों की आशाओं पर नकारात्मक असर पड़ा। 

कोरोना को रोकने के लिए सरकार को लॉक डाउन जैसे जरुरी एवं कठिन कदम लेने पड़े। इससे सैकड़ों व्यवसायों की आशाओं पर नकारात्मक असर पड़ा।

अनिश्चितता के बीच कारोबार को कायम रखना

सब कुछ इतना अचानक रुक गया कि कुछ दिन, सप्ताह या महीने यह सोचने में ही लग गए कि वास्तव में हो क्या  रहा है। इस अनिश्चिता के कारण ही व्यवसायों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा और अभी तक कर रहे है।

व्यवसाय आमतौर पर संकट के लिए बचत करके रखते है, लेकिन 2020 में आयी महामारी को पहले कभी नहीं देखा गया था। वायरस के बारे में अनिश्चितता और तेजी से घटते धन के कारण या तो व्यवसाय घट गए या बंद हो गए।

कम राजस्व

छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए राजस्व में गिरावट  बड़े व्यवसायों की तुलना में अधिक थी। इसीलिए छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने वाले कदम उठाना और भी मुश्किल हो गया।

उसके ऊपर, सरकारी नियम, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं, अपर्याप्त संसाधन, आदि ने उनकी बाजार पहुंच को कम कर दिया। नतीजतन, अधिकांश लघु एवं मध्यम उद्योगों ने अपने राजस्व में भारी गिरावट देखी।

वर्क फ्रॉम होम–रिमोट वर्क

एक टीम अलग-अलग जगह से काम कर रही थी, यह अपने आप में एक कठिन चुनौती थी। और छोटे व्यवसायों को पर्याप्त बुनियादी ढांचे और संसाधनों की कमी जैसे कारणों से रिमोट वर्क के अनुकूल होने में सबसे धीमा बताया गया है।

साथ ही साथ, काम को बैलेंस करना और प्रोडक्टिव बनाए रखने का तनाव, और सहकर्मियों के साथ आधे अधूरे कम्युनिकेशन ने रिमोट वर्क को आकर्षक नहीं बनाया। कई लोगों के लिए, यह लगभग सारा काम का भोझ एक साथ आने जैसा था और इससे उनके लिए नए सामान्य के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल हो गया।

तनाव के स्तर में वृद्धि से लड़ना

पहले की वास्तविकता अब धीरे-धीरे अतीत में लुप्त होती जा रही थी और हर दिन न्यू नार्मल के अनुकूल होने के बढ़ते बोझ के कारण तनाव और चिंता का स्तर बढ़ गया था। व्यापार मालिकों में  चिंता और डिप्रेशन जैसे विकारों  में वृद्धि की सुचना मिली है।

और इस महामारी की खत्म होने की अतिरिक्त अनिश्चितता ने केवल उन स्तरों को और बढ़ाया है। फोकस्सड रहना, टीम को फोकस्सड रहने में मदद करना, और इन सबके बीच सुधारात्मक उपाय करना, इन सब कारणों से  व्यवसाय को संभालना और भी बड़ी चुनौतीपूर्ण बन गया है।

डिजिटल जाने की जरूरत

सोशल डिस्टेंसिंग और रिमोट वर्किंग न्यू नार्मल बनने के कारण, सभी व्यवसायों को अपनी व्यावसायिक स्ट्रेटेजी  को पुनः आकलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि अधिकांश लोगों ने अपने व्यवसाय को बदलने के महत्व को महसूस किया, लेकिन सभी आवश्यक परिवर्तनों को लागू करने में सक्षम नहीं हुए। 

छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए डिजिटाइज़ होने का दबाव जयादा था। और यह उन व्यवसायों के लिए जयादा  चुनौतीपूर्ण साबित हुआ जो पूरी तरह से ऑन-फील्ड बिक्री या डायरेक्ट कस्टमर कांटेक्ट पर निर्भर थे।

ऊपर बताई गई चुनौतियों के अलावा भी व्यवसायों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा है। क्या कभी हालात सामान्य होंगे? कोई नहीं जानता। लेकिन जो हम जानते है वह यह है कि व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अनिवार्य है।

वर्तमान संकट के साथ, तेजी से विकसित हो रही टेक्नोलॉजी, और बढ़ते कम्पटीशन के कारण, डिज़िटाइज़ेशन अब छोटे और मध्यम व्यवसायों  के लिए सिर्फ एक विकल्प नहीं है, बल्कि एक आवश्यकता है। सही स्ट्रेटेजी को इम्प्लीमेंट करना और उन स्ट्रेटेजी को लागू करने के लिए उपयुक्त टूल्स को अपनाना समय की मांग है।

महामारी के जबरदस्त प्रभाव के बावजूद, कई छोटे और मध्यम व्यवसायों ने अपनी रणनीतियों को उनके व्यवसाय के अनुकूल बनाया जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। शुरू में, टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ना थोड़ा अनुचित लगा लेकिन समय के साथ बेहतर हो गया।

डिजिटल टूल्स अपनाने से टीमों को मैनेज करना, कस्टमर को शामिल करना, प्रोसेसेज को स्ट्रीमलाइन करना और भी बहुत कुछ करना आसान हो गया। इस परिवर्तन ने न केवल व्यवसायों को जीवित रहने में मदद की बल्कि विकास भी प्रदान किया। 

आज मुफ्त और सशुल्क दोनों तरह के कई टूल्स उपलब्ध होने के साथ, लघु एवं मध्यम इंटरप्राइजेज आसानी से अपने व्यवसायों में बनी हुई डिजिटल खाई को ख़तम कर सकते हैं। NeoBiz एक ऐसा फ्री टूल है जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम व्यवसायों को अपने ग्राहक को शामिल करने और उनकी बिक्री बढ़ाने में मदद करता है।

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